सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पर अरविंद केजरीवाल ने अमित शाह पर एसीबी को दबाव में लेने का आरोप लगाया और गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठाए।
सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पार्टी नेता और पंजाब के सह प्रभारी सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। केजरीवाल ने दावा किया कि एसीबी पर कथित दबाव बनाकर सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार कराया गया।
केजरीवाल ने अमित शाह से सवाल किया कि आखिर उन्होंने जांच एजेंसी पर दबाव डालकर सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी क्यों कराई। हालांकि, ये आरोप केजरीवाल की ओर से लगाए गए हैं और उपलब्ध जानकारी के आधार पर इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
केजरीवाल ने अमित शाह पर क्या आरोप लगाया?
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट के जरिए सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि सुबह तक एसीबी के पास सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार करने की कोई योजना नहीं थी।
केजरीवाल के अनुसार, दोपहर में अमित शाह की ओर से एसीबी को कथित तौर पर फोन किया गया और सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार करने के लिए कहा गया। इसके बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
केजरीवाल ने अमित शाह से इस कथित फोन कॉल और गिरफ्तारी के बीच संबंध को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है।
‘गिरफ्तारी से पहले कोई योजना नहीं थी’
केजरीवाल ने अपने बयान में एक एसीबी अधिकारी के हवाले से दावा किया कि सुबह तक सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी का कोई फैसला नहीं हुआ था। उनका आरोप है कि बाद में कथित फोन कॉल के बाद अचानक गिरफ्तारी की कार्रवाई हुई।
सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी को लेकर केजरीवाल ने जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करने के पीछे स्पष्ट जांच या पूछताछ की जरूरत होनी चाहिए।
पुलिस हिरासत को लेकर भी उठाया सवाल
अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि सत्येंद्र जैन को पुलिस हिरासत में नहीं लिया गया। उन्होंने इसी बात को आधार बनाते हुए गिरफ्तारी के उद्देश्य पर सवाल उठाया।
केजरीवाल का कहना है कि यदि पुलिस को किसी व्यक्ति से पूछताछ करनी होती है तो उसे हिरासत में लेकर जांच आगे बढ़ाई जाती है। उनके मुताबिक, इस मामले में ऐसा नहीं हुआ, इसलिए गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले में संबंधित एजेंसी का आधिकारिक पक्ष महत्वपूर्ण होगा।
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‘गिरफ्तारी अपराध के आधार पर होनी चाहिए’
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि अब गिरफ्तारी का आधार यह नहीं रह गया है कि किसी व्यक्ति ने अपराध किया है या नहीं, बल्कि राजनीतिक स्तर पर यह तय किया जा रहा है कि किसे गिरफ्तार करना है।
उन्होंने जांच एजेंसियों की स्वतंत्रता पर सवाल उठाते हुए कहा कि कानून के तहत कार्रवाई निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए और किसी भी एजेंसी पर राजनीतिक दबाव नहीं होना चाहिए।
अमित शाह से मांगा जवाब
सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी को लेकर केजरीवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सीधे जवाब देने की मांग की है। उन्होंने पूछा कि अगर एसीबी के पास सुबह गिरफ्तारी की कोई योजना नहीं थी, तो बाद में कथित फोन कॉल के बाद कार्रवाई क्यों की गई।
AAP नेता ने इस मामले को राजनीतिक दबाव और जांच एजेंसियों के इस्तेमाल से जोड़ते हुए गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अब मामले में संबंधित एजेंसी या केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है या नहीं, इस पर नजर रहेगी।
राजनीतिक विवाद बढ़ने के आसार
सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी और केंद्र के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज होने की संभावना है। केजरीवाल ने जहां गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, वहीं इस पूरे मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित जांच दस्तावेजों और आधिकारिक बयानों से स्पष्ट होगी।
फिलहाल केजरीवाल का मुख्य सवाल यही है कि क्या किसी जांच एजेंसी को राजनीतिक दबाव में कार्रवाई करनी चाहिए और यदि कथित तौर पर ऐसा हुआ है, तो उसकी जवाबदेही किसकी होगी।
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