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गोपाल इटालिया का बड़ा आरोप, पाटीदार आंदोलन की रिपोर्ट सरकार ने अब तक क्यों रखी है दबाकर?

गोपाल इटालिया ने पाटीदार आरक्षण आंदोलन की जस्टिस के.ए. पूंज आयोग रिपोर्ट सार्वजनिक करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

गांधीनगर में चल रहे गुजरात विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान आम आदमी पार्टी के विसावदर विधायक गोपाल इटालिया ने पाटीदार आरक्षण आंदोलन से जुड़ी एक रिपोर्ट को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि जस्टिस के.ए. पूंज आयोग ने वर्ष 2020 में अपनी जांच रिपोर्ट गुजरात सरकार को सौंप दी थी, लेकिन इसे अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।

विधानसभा में तीन अहम सवाल उठाए

मीडिया से बातचीत में गोपाल इटालिया ने बताया कि 10 सितंबर 2026 को उन्होंने विधानसभा में गृह विभाग से जुड़े दो और उद्योग विभाग से संबंधित एक सवाल पूछा। उनके मुताबिक, इन सवालों के जवाब के दौरान पाटीदार आरक्षण आंदोलन से संबंधित रिपोर्ट को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई।

उन्होंने 25 और 26 अगस्त 2015 को पाटीदार आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय कई स्थानों पर हिंसक घटनाएं हुई थीं। गोपाल इटालिया ने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई में कई युवाओं की जान गई और महिलाओं तथा युवाओं के साथ कथित तौर पर ज्यादती हुई।

जस्टिस के.ए. पूंज आयोग की रिपोर्ट पर सवाल

गोपाल इटालिया के अनुसार, आंदोलन के बाद तत्कालीन गुजरात सरकार ने घटनाओं की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस के.ए. पूंज की अध्यक्षता में आयोग का गठन किया था। उन्होंने बताया कि वह खुद भी आयोग के समक्ष एफिडेविट के जरिए गवाह के तौर पर अपना पक्ष रख चुके हैं।

गोपाल इटालिया का दावा है कि जस्टिस के.ए. पूंज आयोग ने पाटीदार आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं की जांच के बाद 8 जुलाई 2020 को अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी थी। उनका सवाल है कि रिपोर्ट मिलने के करीब छह साल बाद भी इसे विधानसभा और जनता के सामने क्यों नहीं रखा गया।

सरकार ने कार्रवाई नहीं की: इटालिया

AAP विधायक ने कहा कि उन्होंने विधानसभा में यह भी पूछा था कि आयोग की रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार की ओर से क्या कार्रवाई की गई। उनके मुताबिक, लिखित जवाब में सरकार ने बताया कि रिपोर्ट मिलने के बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई।

इसी जवाब के आधार पर गोपाल इटालिया ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि यदि रिपोर्ट में जिम्मेदार अधिकारियों या पुलिसकर्मियों की भूमिका का उल्लेख है, तो सरकार को इसे सार्वजनिक करना चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

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रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग

गोपाल इटालिया ने पाटीदार समाज के नेताओं, बुजुर्गों और PAAS से जुड़े युवाओं से अपील की कि वे सरकार से जस्टिस के.ए. पूंज आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग करें। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट सामने आने से यह स्पष्ट हो सकेगा कि 2015 के आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं के लिए कौन जिम्मेदार था और आयोग ने अपनी जांच में क्या निष्कर्ष दिए थे।

AAP विधायक ने सरकार से यह भी मांग की कि यदि जांच रिपोर्ट में किसी पुलिस अधिकारी या अन्य व्यक्ति की जिम्मेदारी तय की गई है, तो उसके आधार पर उचित और कड़ी कार्रवाई की जाए।

गोपाल इटालिया द्वारा लगाए गए आरोपों और रिपोर्ट से संबंधित दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर के आधार परनहीं की गई है। सरकार की ओर से इस मुद्दे पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

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