बोन मैरो क्या है? जानिए शरीर में इसका काम, कब होता है प्रभावित और इसे स्वस्थ रखने के तरीके
बोन मैरो क्या है और शरीर में इसका क्या काम होता है? जानिए अस्थि मज्जा के कार्य, प्रभावित होने के कारण और इसे स्वस्थ रखने के तरीके।
हमारी हड्डियों के अंदर मौजूद एक मुलायम और स्पंजी ऊतक शरीर में लगातार एक बेहद जरूरी काम करता है। इसे बोन मैरो या अस्थि मज्जा कहा जाता है। यह शरीर में खून की नई कोशिकाएं बनाने का प्रमुख केंद्र है। लाल रक्त कोशिकाओं से लेकर सफेद रक्त कोशिकाओं और प्लेटलेट्स तक, इनके निर्माण में बोन मैरो की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
कैंसर और ब्लड से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों के दौरान डॉक्टर बोन मैरो की जांच कराने की सलाह दे सकते हैं। कई मामलों में बोन मैरो ट्रांसप्लांट भी उपचार का हिस्सा बन सकता है। लेकिन आखिर बोन मैरो क्या होता है, यह शरीर में कहां मौजूद रहता है और इसके प्रभावित होने पर क्या समस्याएं हो सकती हैं? आइए समझते हैं।
बोन मैरो क्या है?
वरिष्ठ सलाहकार एवं चिकित्सा ऑन्कोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. नेहा गर्ग के अनुसार, बोन मैरो को हिंदी में अस्थि मज्जा कहा जाता है। यह हड्डियों के भीतर पाया जाने वाला नरम, स्पंजी ऊतक है, जहां शरीर के लिए जरूरी रक्त कोशिकाओं का निर्माण होता है।
बोन मैरो मुख्य रूप से तीन महत्वपूर्ण प्रकार की रक्त कोशिकाएं बनाने में मदद करता है। इनमें ऑक्सीजन पहुंचाने वाली लाल रक्त कोशिकाएं (RBC), संक्रमण से बचाव करने वाली सफेद रक्त कोशिकाएं (WBC) और रक्तस्राव को नियंत्रित करने वाली प्लेटलेट्स शामिल हैं।
बोन मैरो कैसा दिखाई देता है?
अस्थि मज्जा नरम और स्पंजी ऊतक के रूप में हड्डियों के अंदर मौजूद रहता है। इसकी संरचना को सामान्य तौर पर माइक्रोस्कोप के जरिए जांचा जाता है। किसी व्यक्ति को कैंसर होने का मतलब यह जरूरी नहीं है कि उसकी अस्थि मज्जा भी प्रभावित हो गई हो।
हालांकि, कुछ प्रकार के ब्लड कैंसर जैसे ल्यूकेमिया और मायलोमा में कैंसर कोशिकाएं सीधे बोन मैरो में बढ़ सकती हैं। कुछ लिम्फोमा में भी अस्थि मज्जा प्रभावित हो सकता है।
इसके अलावा ब्रेस्ट कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर और लंग कैंसर जैसे कुछ अन्य कैंसर हड्डियों तक फैलने पर सामान्य रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को प्रभावित कर सकते हैं। कीमोथेरेपी या रेडिएशन थेरेपी के दौरान भी कुछ समय के लिए अस्थि मज्जा की गतिविधि दब सकती है, जिससे हीमोग्लोबिन, WBC और प्लेटलेट्स का स्तर कम हो सकता है।
बोन मैरो प्रभावित होने पर क्या होता है?
जब बोन मैरो ठीक से रक्त कोशिकाओं का निर्माण नहीं कर पाता, तो व्यक्ति में अलग-अलग तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। लाल रक्त कोशिकाएं कम होने पर एनीमिया या खून की कमी हो सकती है। WBC की संख्या कम होने पर संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है, जबकि प्लेटलेट्स कम होने पर आसानी से चोट के निशान पड़ना या ब्लीडिंग जैसी समस्या हो सकती है।
हालांकि, केवल Hb, WBC या प्लेटलेट्स का कम होना इस बात का प्रमाण नहीं है कि कैंसर अस्थि मज्जा तक फैल गया है। इसके पीछे कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर बोन मैरो एस्पिरेशन या बायोप्सी जैसी जांच के जरिए स्थिति की पुष्टि करते हैं।
कुछ ब्लड कैंसर के मामलों में बोन मैरो ट्रांसप्लांट भी उपचार का हिस्सा हो सकता है। इसका फैसला मरीज की बीमारी और चिकित्सकीय स्थिति के आधार पर विशेषज्ञ करते हैं।
बोन मैरो को स्वस्थ कैसे रखें?
अस्थि मज्जा का स्वास्थ्य शरीर के संपूर्ण स्वास्थ्य से जुड़ा होता है। शरीर में रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए पर्याप्त पोषण, नियमित शारीरिक गतिविधि और स्वस्थ जीवनशैली महत्वपूर्ण हो सकती है।
जरूरी पोषक तत्वों का ध्यान रखें
आयरन, विटामिन B12, फोलेट और प्रोटीन जैसे पोषक तत्व रक्त कोशिकाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए संतुलित और पौष्टिक आहार लेना जरूरी है। किसी पोषक तत्व की कमी होने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार उसका उपचार कराया जाना चाहिए।
also read:- यूरिक एसिड बढ़ने पर किन चीजों से करें परहेज? डॉक्टर ने…
नियमित शारीरिक गतिविधि करें
नियमित शारीरिक गतिविधि संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होती है। शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन और स्वस्थ फेफड़ों की कार्यक्षमता बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है।
हार्मोन और इम्यून सिस्टम का संतुलन
शरीर में मौजूद कई हार्मोन अस्थि मज्जा को रक्त कोशिकाओं के निर्माण के संकेत देते हैं। इसी तरह संतुलित प्रतिरक्षा प्रणाली भी जरूरी है, क्योंकि प्रतिरक्षा तंत्र की असामान्य गतिविधि रक्त निर्माण की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।
किडनी और लिवर को स्वस्थ रखें
किडनी और लिवर भी रक्त कोशिकाओं के नियमन और उनके सामान्य जीवनचक्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए इन अंगों का स्वास्थ्य बनाए रखना भी रक्त निर्माण की प्रक्रिया के लिए अहम है।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
लगातार कमजोरी, बार-बार संक्रमण, असामान्य ब्लीडिंग, शरीर पर बिना वजह नीले निशान पड़ना या खून की जांच में लगातार असामान्य परिणाम आने पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। ऐसे लक्षणों का मतलब हमेशा बोन मैरो की बीमारी नहीं होता, लेकिन सही कारण जानने के लिए चिकित्सकीय जांच जरूरी हो सकती है।
कुल मिलाकर, बोन मैरो शरीर में रक्त निर्माण की एक महत्वपूर्ण प्रणाली है। संतुलित आहार, पर्याप्त आराम, नियमित गतिविधि और किसी भी लगातार स्वास्थ्य समस्या का समय पर इलाज कराने से शरीर के सामान्य स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है। अस्थि मज्जा से जुड़ी किसी बीमारी या उपचार के मामले में विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता देना जरूरी है।
For English News: http://newz24india.in
Visit WhatsApp Channel: https://whatsapp.com/channel/0029Vb4ZuKSLSmbVWNb1sx1x



