राज्यगुजरात

डॉ. कायनात अंसारी आथा: लखपत में सूखे का संकट: प्रभावित गांवों में सर्वे कर नए चारा डिपो शुरू करने की मांग

लखपत में सूखे जैसी स्थिति के बीच AAP ने प्रभावित गांवों में सर्वे, नए चारा डिपो और मालधारियों के लिए राहत पैकेज की मांग की।

कच्छ जिले के लखपत तालुका में इस मानसून पर्याप्त बारिश नहीं होने से सूखे जैसी स्थिति बन गई है। इसका सीधा असर मालधारियों और उनके पशुधन पर पड़ रहा है। कई गांवों में हरे और सूखे चारे के साथ पीने के पानी की भी कमी बताई जा रही है। इस स्थिति को देखते हुए आम आदमी पार्टी ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सर्वे कराने और लखपत चारा डिपो शुरू करने की मांग की है।

AAP गुजरात की प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. कायनात अंसारी आथा ने तहसीलदार को आवेदन देकर सूखा घोषित करने और राहत पैकेज जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रभावित मालधारी परिवारों और उनके पशुओं की स्थिति को देखते हुए प्रशासन को युद्ध स्तर पर राहत कार्य शुरू करना चाहिए।

25 गांवों से पशुओं के साथ पलायन का दावा

डॉ. कायनात अंसारी आथा के मुताबिक, लखपत तालुका के करीब 25 गांवों से मालधारी परिवार अपने 700 से अधिक पशुओं के साथ दूसरे क्षेत्रों की ओर जाने को मजबूर हुए हैं। उनका कहना है कि पशुधन मालधारियों की आय का मुख्य आधार है, इसलिए चारे और पानी की कमी उनके लिए गंभीर आर्थिक संकट भी पैदा कर रही है।

AAP ने मांग की है कि प्रभावित गांवों में घर-घर जाकर सर्वे कराया जाए और वहां मौजूद पशुओं की संख्या के आधार पर चारे की वास्तविक जरूरत का आकलन किया जाए।

सरकारी चारा डिपो का किया दौरा

डॉ. कायनात अंसारी आथा ने एक सरकारी लखपत चारा डिपो का दौरा कर वहां की व्यवस्था का जायजा लेने का दावा किया। उनके अनुसार, मौके पर डिपो में चारा उपलब्ध नहीं था। उन्होंने कहा कि डिपो के प्रभारी ने भी चारा नहीं होने की बात स्वीकार की।

AAP नेता ने प्रशासन के दावों और जमीनी स्थिति के बीच अंतर पर सवाल उठाया। उनका कहना है कि प्रशासन की ओर से कुछ डिपो चालू होने और नए डिपो शुरू करने की बात कही जा रही है, लेकिन मौके पर स्थिति अलग दिखाई दे रही है।

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5 डिपो चालू होने के दावे पर सवाल

डॉ. कायनात अंसारी आथा ने कहा कि प्रशासन की ओर से पांच लखपत चारा डिपो चालू होने और 15 अतिरिक्त डिपो शुरू करने की बात कही जा रही है। हालांकि, उनके अनुसार जब उन्होंने एक सरकारी डिपो का निरीक्षण किया तो वहां चारा मौजूद नहीं था।

उन्होंने सवाल उठाया कि यदि डिपो कागजों पर चालू हैं तो प्रभावित मालधारियों तक चारा क्यों नहीं पहुंच रहा है। AAP ने प्रशासन से इस अंतर को दूर कर वास्तविक स्थिति के अनुसार राहत उपलब्ध कराने की मांग की है।

चारा और पानी की तत्काल व्यवस्था की मांग

AAP ने लखपत के प्रभावित इलाकों में पर्याप्त मात्रा में हरा और सूखा चारा उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही पशुओं के लिए पीने के पानी की व्यवस्था करने पर भी जोर दिया गया है।

संगठन का कहना है कि नियमित वितरण के लिए लखपत चारा डिपो को प्रभावी तरीके से संचालित किया जाना चाहिए, ताकि जरूरतमंद मालधारियों को समय पर चारा मिल सके।

इसके अलावा, पलायन कर रहे परिवारों की पहचान कर उन्हें सरकारी सहायता और आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

सूखा और राहत पैकेज घोषित करने की मांग

डॉ. कायनात अंसारी आथा ने सरकार से लखपत तालुका में सूखे की स्थिति का तत्काल आकलन करने और जरूरत के अनुसार राहत पैकेज घोषित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को सर्वे में देरी करने के बजाय प्रभावित गांवों में तुरंत पहुंचना चाहिए।

AAP का कहना है कि समय पर चारा और पानी नहीं मिलने से पशुओं के स्वास्थ्य और मालधारियों की आजीविका पर गंभीर असर पड़ सकता है। इसलिए लखपत चारा डिपो की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर मजबूत करने की जरूरत है।

जमीनी हालात के आधार पर कार्रवाई की मांग

AAP ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित गांवों का तत्काल सर्वे कर पशुधन की संख्या और चारे की आवश्यकता का सही आंकड़ा तैयार किया जाए। इसके आधार पर नए लखपत चारा डिपो शुरू किए जाएं और मौजूदा डिपो में पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया जाए।

डॉ. कायनात अंसारी आथा ने कहा कि मालधारियों और उनके पशुओं को संकट से बचाने के लिए प्रशासन को कागजी दावों के बजाय जमीनी जरूरतों के आधार पर कार्रवाई करनी चाहिए। पार्टी ने प्रभावित परिवारों को तत्काल सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग दोहराई है।

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