बलतेज पन्नू ने भाजपा से अलग यात्राओं के बजाय पंजाब की ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ मुहिम में शामिल होने की अपील की।
युद्ध नशेआं विरुद्ध: आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के राज्य महासचिव (संगठन) और नशा मुक्ति मोर्चा के मुख्य प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने भाजपा की प्रस्तावित नशा विरोधी यात्राओं को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा को अलग राजनीतिक अभियान चलाने के बजाय पंजाब में पहले से जारी युद्ध नशेआं विरुद्ध मुहिम का हिस्सा बनना चाहिए।
बलतेज पन्नू के मुताबिक, पंजाब में नशे के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की जा रही है और इसके आंकड़े सरकार की कार्रवाई के पैमाने को दर्शाते हैं। उन्होंने बताया कि 1 मार्च 2025 से 8 सितंबर 2026 के बीच नशे से जुड़े 60,239 मामले दर्ज किए गए और 77,509 लोगों को नामजद किया गया।
भाजपा की अलग नशा विरोधी यात्रा पर उठाए सवाल
भाजपा की ओर से 18 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित राज्यव्यापी नशा विरोधी यात्राओं पर प्रतिक्रिया देते हुए पन्नू ने कहा कि पंजाब पिछले करीब डेढ़ साल से नशे के खिलाफ लगातार अभियान चला रहा है। उनके अनुसार, इस लड़ाई को राजनीतिक प्रतिस्पर्धा बनाने के बजाय सभी दलों को मिलकर मजबूत करना चाहिए।
पन्नू ने कहा कि युद्ध नशेआं विरुद्ध का उद्देश्य लोगों को साथ लेकर नशे के खिलाफ व्यापक लड़ाई लड़ना है। उन्होंने भाजपा से अपील की कि यदि वह वास्तव में नशे की समस्या को खत्म करने के लिए गंभीर है, तो उसे अलग मुहिम चलाने के बजाय मौजूदा अभियान को मजबूती देनी चाहिए।
आप नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा की अलग यात्रा शुरू करने की योजना राजनीतिक नैरेटिव बनाने की कोशिश है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब सरकार की कार्रवाई के परिणाम सामने आने लगे हैं और इसी वजह से भाजपा इस अभियान को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।
नशे के खिलाफ कार्रवाई के आंकड़े बताए
बलतेज पन्नू ने बताया कि अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। उनके अनुसार, इस अवधि में 3,821.105 किलोग्राम हेरोइन, 971.670 किलोग्राम अफीम, 45,209.509 किलोग्राम पोस्त/हरे पौधे, 1,329.192 किलोग्राम गांजा, 129.533 किलोग्राम चरस, 72.224 किलोग्राम आइस और 4.646 किलोग्राम कोकीन बरामद की गई।
इसके अलावा 62,61,754 टैबलेट और कैप्सूल, 4,241 इंजेक्शन तथा 22.03 करोड़ रुपये की ड्रग मनी बरामद होने का दावा भी पन्नू ने किया। उन्होंने इन आंकड़ों को नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई के व्यापक स्तर का प्रमाण बताया।
पन्नू ने कहा कि युद्ध नशेआं विरुद्ध में केवल प्रशासनिक कार्रवाई ही नहीं, बल्कि लोगों की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बनाया गया है। उनके मुताबिक, पंजाब को नशे से मुक्त करने के लिए समाज के अलग-अलग वर्गों को इस लड़ाई में शामिल करना जरूरी है।
अकाली-भाजपा सरकार के कार्यकाल का किया जिक्र
बलतेज पन्नू ने भाजपा को 2007 से 2017 तक पंजाब में रही अकाली-भाजपा सरकार के कार्यकाल की भी याद दिलाई। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में पंजाब में ‘चिट्टा’ एक बड़े नशे के संकट के रूप में सामने आया और राज्य की युवा पीढ़ी पर इसका गंभीर असर पड़ा।
उन्होंने कहा कि भाजपा उस समय सरकार की सहयोगी थी, इसलिए मौजूदा समय में नशे को चुनावी मुद्दा बनाने से पहले उसे अपने पिछले कार्यकाल से जुड़े सवालों का जवाब देना चाहिए।
पन्नू ने यह भी आरोप लगाया कि उस दौर में ड्रग तस्करी को लेकर राजनीतिक संरक्षण और पुलिस तथा राजनीतिक लोगों के कुछ वर्गों के साथ कथित सांठगांठ के आरोप सामने आते रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा को इन मुद्दों पर भी अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
‘राजनीति नहीं, मिलकर लड़ाई की जरूरत’
आप नेता ने कहा कि पंजाब में नशे के खिलाफ लड़ाई को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने के बजाय सामूहिक प्रयास की जरूरत है। उन्होंने भाजपा से अपील की कि वह अलग-अलग यात्राएं निकालने के बजाय मौजूदा अभियान में शामिल होकर पंजाब के लोगों के साथ खड़ी हो।
उन्होंने कहा कि युद्ध नशेआं विरुद्ध को व्यापक जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है और इस अभियान को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर रखकर मजबूत किया जाना चाहिए।
पन्नू ने दोहराया कि यदि भाजपा वास्तव में नशे के खिलाफ कार्रवाई चाहती है तो उसे अलग राजनीतिक मंच तैयार करने के बजाय युद्ध नशेआं विरुद्ध में शामिल होकर पंजाब के लोगों के साथ इस लड़ाई में योगदान देना चाहिए।
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