बैंक हड़ताल 11 सितंबर के कारण देशभर में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होंगी। शनिवार और रविवार के अवकाश से लगातार तीन दिन बैंक बंद रहेंगे।
देशभर के बैंक ग्राहकों के लिए अगले तीन दिन महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। बैंक हड़ताल 11 सितंबर को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण शुक्रवार को बैंक शाखाओं में सामान्य कामकाज प्रभावित रहेगा। इसके बाद 12 सितंबर को दूसरा शनिवार और 13 सितंबर को रविवार होने के चलते बैंक लगातार तीन दिन बंद रहेंगे।
गोरखपुर में इस हड़ताल का व्यापक असर पड़ने की संभावना है। स्थानीय स्तर पर करीब 3,000 बैंक अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल में शामिल हो सकते हैं। इससे जिले में लगभग 500 करोड़ रुपये के बैंकिंग कारोबार के प्रभावित होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
वार्ता विफल होने के बाद हड़ताल पर फैसला
बैंक प्रबंधन, वित्त मंत्रालय और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच केंद्रीय श्रमायुक्त कार्यालय में दो दिनों से चल रही बातचीत किसी सहमति पर नहीं पहुंच सकी। वार्ता विफल होने के बाद बैंक हड़ताल 11 सितंबर को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई और देशव्यापी हड़ताल का फैसला बरकरार रखा गया।
UFBU में बैंकिंग क्षेत्र से जुड़ी सात प्रमुख यूनियनें शामिल हैं। इनमें AIBEA, AIBOC, NCBE, AIBOA, BEFI, INBOC और INBEF शामिल हैं। संगठन का दावा है कि ये यूनियनें बैंकिंग क्षेत्र के 90 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करती हैं।
गोरखपुर में 500 करोड़ रुपये के कारोबार पर असर
गोरखपुर में स्टेट बैंक सहित सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों के करीब 3,000 अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल में हिस्सा लेने की तैयारी में हैं। इसके चलते बैंक शाखाओं में नकदी लेनदेन और अन्य प्रत्यक्ष बैंकिंग गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।
स्थानीय बैंक यूनियन पदाधिकारियों के अनुसार, जिले में लगभग 500 करोड़ रुपये का बैंकिंग कारोबार प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि डिजिटल माध्यमों से होने वाली कई सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की उम्मीद है।
UPI, मोबाइल बैंकिंग और ATM से काम चलाने की सलाह
बैंक हड़ताल 11 सितंबर के दौरान इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और UPI जैसी डिजिटल सेवाएं जारी रहने की उम्मीद है। ATM के जरिए भी ग्राहक आवश्यकतानुसार नकदी निकाल सकते हैं, हालांकि कैश की उपलब्धता स्थान और मशीन के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है।
ग्राहकों के लिए बेहतर होगा कि वे हड़ताल शुरू होने से पहले जरूरी नकदी लेनदेन और शाखा से जुड़े महत्वपूर्ण काम पूरे कर लें। KYC अपडेट, दस्तावेज जमा करने या ऐसे काम जिनमें बैंक शाखा जाना जरूरी है, उन्हें पहले निपटाना सुविधाजनक रहेगा।
क्या हैं बैंक कर्मचारियों की प्रमुख मांगें?
बैंक हड़ताल 11 सितंबर के पीछे बैंक यूनियनों की कई प्रमुख मांगें हैं। इनमें पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करना प्रमुख मुद्दों में शामिल है। इसके अलावा बैंक अधिकारियों के लिए प्रस्तावित Performance Linked Incentive यानी PLI की समान व्यवस्था की मांग भी की जा रही है।
यूनियनें IDBI Bank के विदेशीकरण का विरोध और पेंशन अपडेशन की मांग भी उठा रही हैं। कर्मचारियों का कहना है कि इन मुद्दों पर समाधान के लिए सरकार और बैंक प्रबंधन को गंभीरता से बातचीत करनी चाहिए।
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करीब आठ लाख अधिकारी-कर्मचारी हो सकते हैं शामिल
ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव डीएन त्रिवेदी के अनुसार, सार्वजनिक क्षेत्र, निजी, विदेशी और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों से जुड़े करीब आठ लाख अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल में शामिल हो सकते हैं।
इससे देशभर में बैंक शाखाओं की सेवाएं प्रभावित होने की संभावना है। हालांकि ऑनलाइन बैंकिंग और अन्य डिजिटल चैनल ग्राहकों को जरूरी लेनदेन जारी रखने में मदद कर सकते हैं।
सितंबर के बाद भी बढ़ सकता है आंदोलन
बैंक हड़ताल 11 सितंबर के बाद भी बैंक यूनियनों ने आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकेत दिया है। 28 से 30 सितंबर तक तीन दिन की एक और हड़ताल प्रस्तावित है। यदि उनकी मांगों पर सहमति नहीं बनती है तो अक्टूबर के अंत में अनिश्चितकालीन हड़ताल का विकल्प भी रखा गया है।
ऐसे में बैंक ग्राहकों को आने वाले दिनों में घोषित हड़ताल और छुट्टियों की तारीखों पर नजर रखनी चाहिए। खासकर नकदी, चेक, दस्तावेज और शाखा से जुड़े जरूरी काम समय रहते पूरे करने से संभावित परेशानी से बचा जा सकता है।
कुल मिलाकर, बैंक हड़ताल 11 सितंबर के कारण शुक्रवार से शुरू होने वाला बैंकिंग व्यवधान शनिवार और रविवार के अवकाश के चलते लगातार तीन दिनों तक प्रभावी रहेगा। डिजिटल सेवाएं ग्राहकों के लिए बड़ा सहारा होंगी, लेकिन शाखा आधारित और नकदी से जुड़े काम प्रभावित हो सकते हैं।
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