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लोकसभा-विधानसभा के बाद राज्यसभा में भी खत्म होगा बसपा का प्रतिनिधित्व, ‘शून्य’ हो जाएगी पार्टी

बसपा का लोकसभा और विधानसभा के बाद राज्यसभा में भी प्रतिनिधित्व खत्म होने की स्थिति में है। रामजी गौतम का कार्यकाल 25 नवंबर को पूरा होगा।

बहुजन समाज पार्टी यानी बसपा के लिए उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। लोकसभा, विधानसभा और विधान परिषद में अपना प्रतिनिधित्व खो चुकी पार्टी अब राज्यसभा में भी शून्य पर पहुंच सकती है। पार्टी के एकमात्र राज्यसभा सदस्य रामजी गौतम का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त होने वाला है। ऐसे में उनके कार्यकाल के बाद उच्च सदन में भी पार्टी की मौजूदगी खत्म होने की स्थिति बन जाएगी।

राज्यसभा में भी खत्म हो सकती है मौजूदगी

फिलहाल संसद के उच्च सदन में बसपा का प्रतिनिधित्व रामजी गौतम के तौर पर है। उनका कार्यकाल पूरा होने के बाद पार्टी के सामने राज्यसभा में अपनी मौजूदगी बनाए रखने की चुनौती होगी। उत्तर प्रदेश विधानसभा में पार्टी के पास कोई विधायक नहीं है, ऐसे में राज्यसभा चुनाव में पार्टी की स्थिति भी प्रभावित होती है।

राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव विधानसभा के निर्वाचित सदस्य करते हैं। इसलिए विधानसभा में पर्याप्त संख्या नहीं होने की वजह से किसी राजनीतिक दल के लिए राज्यसभा में अपना उम्मीदवार निर्वाचित कराना मुश्किल हो जाता है।

विधानसभा में भी नहीं है पार्टी का विधायक

उत्तर प्रदेश विधानसभा में बसपा का आखिरी प्रतिनिधित्व भी अब समाप्त हो चुका है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में बलिया की रसड़ा विधानसभा सीट से उमाशंकर सिंह ने बसपा के टिकट पर जीत हासिल की थी। वह सदन में पार्टी के इकलौते विधायक थे।

हाल ही में उमाशंकर सिंह के निधन के बाद विधानसभा में पार्टी का कोई विधायक नहीं बचा। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश विधानसभा में बसपा की मौजूदगी पूरी तरह खत्म हो गई।

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2024 में लोकसभा में नहीं खुला खाता

संसद के निचले सदन में भी पार्टी की स्थिति पहले ही शून्य हो चुकी है। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में बसपा का कोई उम्मीदवार सांसद नहीं चुना गया। इसके बाद लोकसभा में पार्टी का प्रतिनिधित्व समाप्त हो गया।

अब संसद में पार्टी की मौजूदगी केवल राज्यसभा सदस्य रामजी गौतम के जरिए बनी हुई है। उनके कार्यकाल की समाप्ति के बाद यदि पार्टी नया प्रतिनिधि नहीं भेज पाती है, तो संसद के दोनों सदनों में उसका कोई सदस्य नहीं रहेगा।

विधान परिषद में भी नहीं है प्रतिनिधित्व

उत्तर प्रदेश विधान परिषद में भी बसपा का मौजूदा प्रतिनिधित्व नहीं है। विधानसभा और विधान परिषद के साथ-साथ लोकसभा में भी पार्टी की सीटें नहीं हैं। ऐसे में राज्यसभा में बचा एकमात्र प्रतिनिधित्व भी समाप्त होने की स्थिति पार्टी के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम होगी।

विधानसभा में विधायकों की अनुपस्थिति के कारण बसपा के लिए राज्यसभा और विधान परिषद में प्रतिनिधित्व हासिल करना फिलहाल चुनौतीपूर्ण है।

25 नवंबर को पूरा होगा रामजी गौतम का कार्यकाल

रामजी गौतम का राज्यसभा कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त होने वाला है। इसके बाद उच्च सदन में पार्टी की स्थिति आगामी चुनावी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

इस घटनाक्रम के बाद बसपा के सामने उत्तर प्रदेश की राजनीति में दोबारा मजबूत विधायी मौजूदगी बनाने की चुनौती होगी। अब पार्टी की नजर भविष्य के चुनावों पर रहेगी, जहां से वह सदन में अपना प्रतिनिधित्व फिर से स्थापित करने की कोशिश कर सकती है।

फिलहाल, रामजी गौतम का कार्यकाल पूरा होने के बाद बसपा का राज्यसभा में प्रतिनिधित्व रहेगा या नहीं, यह आने वाली चुनावी प्रक्रिया से स्पष्ट होगा।

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