रीति तिवारी ने बिग बॉस में पिता मनोज तिवारी संग रिश्ते, आर्थिक स्थिति और अपने संघर्षों को लेकर कई भावुक खुलासे किए।
बिग बॉस के घर में इन दिनों कंटेस्टेंट्स की निजी जिंदगी से जुड़े कई किस्से सामने आ रहे हैं। इसी बीच रीति तिवारी ने अपने बचपन, परिवार और पिता मनोज तिवारी के साथ रिश्ते को लेकर कई भावुक खुलासे किए। उन्होंने बताया कि माता-पिता के तलाक के बाद उनके पिता से मुलाकात काफी कम हो गई थी और कई बार ऐसा हुआ कि वह साल में सिर्फ एक बार ही उनसे मिल पाती थीं।
तलाक के बाद पिता से हो गई थी दूरी
रीति तिवारी ने अपने बचपन को याद करते हुए बताया कि माता-पिता के अलग होने के बाद परिवार में परिस्थितियां काफी बदल गई थीं। उनके मुताबिक, उस दौर में उनके माता-पिता के बीच विवाद के चलते वह फोन पर भी अपने पिता से ठीक तरह से बात नहीं कर पाती थीं।
उन्होंने बताया कि पिता से दूरी इतनी बढ़ गई थी कि एक समय ऐसा भी आया जब उनकी मुलाकात साल में सिर्फ एक बार हो पाती थी। इस दूरी ने उनके मन में पिता को करीब से जानने की इच्छा और ज्यादा बढ़ा दी।
18 साल की उम्र में पिता के साथ रहने का फैसला
जैसे-जैसे उम्र बढ़ी, रीति तिवारी ने अपने पिता के व्यक्तित्व को समझने की इच्छा जताई। उन्होंने बताया कि 18 साल की उम्र में उन्होंने फैसला किया कि वह अपने पिता के साथ रहकर उन्हें करीब से जानना चाहती हैं।
उनके मुताबिक, उस समय तक काफी समय बीत चुका था, लेकिन उनके मन में पिता के साथ रिश्ते को समझने और मजबूत करने की इच्छा बनी हुई थी।
पिता की शोहरत मिली, लेकिन संपत्ति नहीं
मनोज तिवारी की बेटी होने के कारण उन्हें लोगों से मिलने वाला सम्मान जरूर मिला, लेकिन रीति तिवारी ने बताया कि उनके पिता की कमाई और संपत्ति का फायदा उन्हें उस तरह नहीं मिला, जैसा लोग अक्सर किसी सेलिब्रिटी की संतान के बारे में मान लेते हैं।
उन्होंने कहा कि उन्हें पिता का नाम जरूर मिला। जब वह कहीं जाती हैं तो लोग उन्हें मनोज तिवारी की बेटी के तौर पर पहचानते हैं और सम्मान देते हैं। हालांकि, उनके अनुसार इस पहचान के साथ अपनी अलग जगह बनाने की चुनौती भी रही।
करियर को लेकर पिता ने दी थी साफ बात
रीति ने बताया कि उनके पिता ने करियर को लेकर उन्हें पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि उन्हें अपनी पहचान खुद बनानी होगी। मनोज तिवारी ने उन्हें भरोसा दिया कि वह अपने दम पर आगे बढ़ सकती हैं, लेकिन वह उनके करियर को अपने नाम या प्रभाव के जरिए आगे बढ़ाने में मदद नहीं करेंगे।
रीति के मुताबिक, उनके पिता का कहना था कि वह खुद अपने लिए रास्ता बना सकती हैं और उन्हें किसी दूसरे के सहारे की जरूरत नहीं है।
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महीने के खर्च को लेकर भी किया खुलासा
रीति तिवारी ने आर्थिक स्थिति को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि ऐसा नहीं है कि पिता उनकी बिल्कुल मदद नहीं करते, लेकिन उन्हें हर जरूरत के लिए मनचाही रकम नहीं मिलती।
उन्होंने दावा किया कि उन्हें महीने के खर्च के लिए करीब 20 से 25 हजार रुपये मिलते हैं और इसी रकम में उन्हें अपनी जरूरतें पूरी करनी होती हैं।
वड़ा पाव से गुजारा करने की बात
रीति ने अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का जिक्र करते हुए बताया कि खर्च संभालने के लिए कई बार उन्हें खाने पर भी बचत करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि कभी-कभी पेट भरने के लिए वह दिन में दो बार 10 रुपये का वड़ा पाव खा लेती हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि जरूरत के हिसाब से वह वाहन में सीमित मात्रा में डीजल भरवाती हैं, ताकि अपने खर्च को नियंत्रित कर सकें।
‘लोग समझते हैं सिल्वर स्पून लेकर पैदा हुई हूं’
बिग बॉस में अपनी बात रखते हुए रीति तिवारी ने उस धारणा पर भी सवाल उठाया कि किसी बड़े स्टार की बेटी होने का मतलब हमेशा आराम और आर्थिक सुविधाओं से भरी जिंदगी होना है।
उन्होंने कहा कि लोग उनके पिता का नाम देखकर मान लेते हैं कि उनकी जिंदगी में किसी चीज की कमी नहीं होगी, जबकि उनके अनुभव इससे अलग रहे हैं। रीति के मुताबिक, वह भी एक आम इंसान हैं और उन्हें अपनी जिंदगी में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा है।
रीति के इन खुलासों ने बिग बॉस में उनकी जिंदगी का एक ऐसा पहलू सामने रखा है, जो अब तक उनके पिता की लोकप्रियता के पीछे छिपा हुआ था। पिता के नाम से मिली पहचान और अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश के बीच रीति तिवारी ने अपने अनुभवों को खुलकर दर्शकों के सामने रखा।
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