मार्बल फर्श की चमक बरकरार रखनी है? सफाई में ये गलतियां बिल्कुल न करें
मार्बल देखने में जितना मज़बूत लगता है, असल में उतना ही नाज़ुक पत्थर है। नींबू, सिरका और तेज़ क्लीनर इसकी चमक छीन सकते हैं, इसलिए सफाई का तरीका सोच-समझकर चुनें।
भारतीय घरों में मार्बल फर्श आज भी पसंदीदा विकल्प है। यह ठंडा रहता है, सुंदर दिखता है और सालों चलता है। लेकिन कई परिवार शिकायत करते हैं कि कुछ साल बाद फर्श पर धुंधले धब्बे, फीके पैच या दाग दिखने लगते हैं। इसकी बड़ी वजह अक्सर गलत सफाई होती है, न कि पत्थर की क्वालिटी।
मार्बल इतना संवेदनशील क्यों है
मार्बल मुख्य रूप से कैल्शियम कार्बोनेट से बना प्राकृतिक पत्थर है। कैल्शियम कार्बोनेट एसिड के संपर्क में आते ही प्रतिक्रिया करता है। यानी जब नींबू का रस, सिरका, टमाटर, इमली या कोई एसिड वाला क्लीनर मार्बल पर गिरता है, तो वह सतह की ऊपरी परत को हल्का सा गला देता है। इसे एचिंग कहा जाता है।
एचिंग से फर्श पर हल्के धुंधले या बेरंग निशान बन जाते हैं, जो साधारण पोंछे से नहीं जाते। कई लोग इन्हें दाग समझकर और रगड़ते हैं, जिससे नुकसान बढ़ जाता है। इसके अलावा मार्बल में बारीक छिद्र भी होते हैं, इसलिए तेल, हल्दी, चाय या कॉफी जैसी चीज़ें देर तक पड़ी रहें तो पत्थर उन्हें सोख लेता है और पक्के दाग बन जाते हैं।
मार्बल की सफाई में क्या न करें
सोशल मीडिया पर बताए जाने वाले कई घरेलू नुस्खे मार्बल के लिए ठीक नहीं होते। ये गलतियां खास तौर पर बचनी चाहिए:
- नींबू, सिरका या इनसे बने किसी भी घोल से फर्श न पोंछें
- टॉयलेट या टाइल क्लीनर जैसे एसिड वाले उत्पाद मार्बल पर न डालें
- ब्लीच या बहुत तेज़ केमिकल वाले क्लीनर का नियमित इस्तेमाल न करें
- स्टील वूल, सख्त ब्रश या रगड़ने वाले पाउडर से न घिसें
- बहुत ज़्यादा पानी डालकर फर्श को देर तक गीला न छोड़ें
- फर्नीचर को घसीटकर न खिसकाएं, इससे खरोंच पड़ती हैं
बेकिंग सोडा को भी कई लोग हर दाग का इलाज मानते हैं, लेकिन यह हल्का रगड़ने वाला पाउडर है। बार-बार ज़ोर से घिसने पर पॉलिश वाले मार्बल की चमक कम हो सकती है।
सही तरीका क्या है
मार्बल की देखभाल का मूल मंत्र है नरमी और नियमितता। रोज़ सबसे पहले झाड़ू या माइक्रोफाइबर डस्ट मॉप से धूल और रेत हटाएं। रेत के बारीक कण जूतों के नीचे आकर सैंडपेपर जैसा काम करते हैं और धीरे-धीरे चमक कम कर देते हैं।
पोंछे के लिए हमेशा pH-न्यूट्रल यानी संतुलित pH वाला floor cleaner चुनें, जिसे खास तौर पर मार्बल और पत्थर के लिए सुरक्षित बताया गया हो। पोंछा नरम कपड़े या माइक्रोफाइबर मॉप का हो और अच्छी तरह निचोड़ा हुआ हो, ताकि फर्श पर पानी जमा न रहे। पोंछने के बाद पंखा चला दें या सूखे कपड़े से फर्श सुखा दें।
कुछ गिर जाए तो तुरंत साफ करें। तरल चीज़ को रगड़ने के बजाय पहले सोखने वाले कपड़े या टिश्यू से हल्के हाथ से थपथपाकर उठाएं, फिर साफ पानी से पोंछें। रसोई और डाइनिंग एरिया में यह आदत सबसे ज़्यादा काम आती है, क्योंकि वहां नींबू, अचार और तेल गिरने की संभावना ज़्यादा रहती है। दरवाज़ों पर डोरमैट रखें और फर्नीचर के पैरों के नीचे फेल्ट पैड लगाएं।
अब कई परिवार ऐसे क्लीनर भी देखने लगे हैं जो पौधों से बने तत्वों पर आधारित हों, खासकर जहां घर में छोटे बच्चे या पालतू जानवर फर्श पर खेलते हैं। गुरुग्राम का ब्रांड Peels & Co ऐसे पौधों से बने घरेलू क्लीनर बनाता है। उसकी मार्बल और टाइल के लिए फ्लोर क्लीनर रेंज में शामिल प्लांट-बेस्ड floor cleaner को कंपनी pH-बैलेंस्ड बताती है, जो मार्बल, टाइल, लकड़ी और सिरेमिक फर्श के लिए बना है। इसमें फलों के छिलकों से तैयार एंज़ाइम कॉम्प्लेक्स और पौधों पर आधारित सर्फेक्टेंट्स हैं, खुशबू मोगरे की है और कंपनी के अनुसार आधी बाल्टी पानी में 30ml डालकर पोंछा लगाने के बाद दोबारा धोने की ज़रूरत नहीं पड़ती। ब्रांड के मुताबिक यह 100 प्रतिशत biodegradable है, बच्चों और पालतू जानवरों के लिए सुरक्षित है और स्वतंत्र लैब में टेस्ट किया गया है।
पुराने दाग और धुंधलापन हो तो
अगर फर्श पर पहले से गहरे दाग, एचिंग के निशान या पूरी तरह फीकी चमक है, तो घर पर प्रयोग करने से बचें। ऐसे मामलों में मार्बल की पॉलिशिंग या रीफिनिशिंग करने वाले अनुभवी कारीगर से सलाह लेना बेहतर है। आमतौर पर हर कुछ साल में फर्श की पॉलिश और सीलिंग करवाने की सलाह भी दी जाती है, ताकि पत्थर दाग कम सोखे।
कुल मिलाकर, मार्बल को महंगे इलाज की नहीं, बल्कि सही आदतों की ज़रूरत है। एसिड से दूरी, संतुलित pH वाला क्लीनर, नरम पोंछा और गिरी चीज़ों की तुरंत सफाई, बस इतना ध्यान रखें तो आपका फर्श सालों तक नया जैसा दिखेगा।



