बैंक कर्मचारियों के लिए PLI योजना पर सरकार का बड़ा फैसला, 2025-26 का क्रियान्वयन फिलहाल स्थगित
बैंक कर्मचारियों के लिए PLI योजना का 2025-26 में क्रियान्वयन सरकार ने फिलहाल स्थगित कर दिया है। कर्मचारी संगठनों ने कई मांगें रखी थीं।
सरकारी बैंकों के कर्मचारियों से जुड़े PLI सिस्टम को लेकर सरकार ने फिलहाल बड़ा फैसला लिया है। बैंक कर्मचारियों के लिए PLI योजना के वित्त वर्ष 2025-26 में लागू होने पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। यह निर्णय बैंक कर्मचारी संगठनों की ओर से मौजूदा प्रोत्साहन व्यवस्था में बदलाव और अन्य लंबित मांगों को लेकर जताई गई चिंताओं के बाद लिया गया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को भारतीय मजदूर संघ (BMS) के नेतृत्व में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। बैठक के दौरान कर्मचारियों ने बैंकिंग क्षेत्र और कर्मचारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे सरकार के सामने रखे।
कर्मचारियों ने सरकार से की कई मांगें
वित्त मंत्रालय के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने एक्स-ग्रेशिया भुगतान, रिटायर्ड बैंक कर्मचारियों के लिए मेडिकल सुविधाओं और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मचारियों पर लागू मौजूदा PLI व्यवस्था में बदलाव की मांग रखी।
कर्मचारी संगठनों की आपत्तियों के बीच बैंक कर्मचारियों के लिए PLI योजना को 2025-26 में लागू करने का फैसला फिलहाल स्थगित किया गया है। सरकार ने कहा है कि इस विषय पर आगे चल रही द्विपक्षीय समझौता और संयुक्त नोट से जुड़ी बातचीत में चर्चा की जाएगी।
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19 नवंबर 2024 को जारी हुई थी PLI व्यवस्था
सरकार के मुताबिक, संबंधित PLI योजना 19 नवंबर 2024 को जारी की गई थी। कर्मचारी संगठनों की ओर से उठाई गई चिंताओं को ध्यान में रखते हुए इसके वित्त वर्ष 2025-26 के क्रियान्वयन को फिलहाल रोकने का निर्णय लिया गया है।
सरकार ने यह भी कहा कि कर्मचारियों, बैंक ग्राहकों और पूरे बैंकिंग सेक्टर के हितों को ध्यान में रखते हुए बातचीत और आपसी सहमति के जरिए इन मुद्दों का समाधान निकालने की कोशिश जारी रहेगी।
11 सितंबर की प्रस्तावित बैंक हड़ताल से पहले आया फैसला
यह फैसला ऐसे समय आया है जब यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 11 सितंबर को देशव्यापी बैंक हड़ताल का आह्वान किया है। बैंक कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगों में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करना, PLI सिस्टम में बदलाव और पेंशन से जुड़े लंबित मामलों का समाधान शामिल है।
ऐसे में बैंक कर्मचारियों के लिए PLI योजना को फिलहाल स्थगित किए जाने को कर्मचारी संगठनों की चिंताओं के संदर्भ में अहम कदम माना जा रहा है।
स्केल-4 और उससे ऊपर के अधिकारियों के PLI पर आपत्ति
बैंक कर्मचारी संगठनों ने खासतौर पर स्केल-4 और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए प्रस्तावित PLI व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। संगठनों का तर्क है कि यह व्यवस्था भारतीय बैंक संघ (IBA) के साथ हुई समझ के अनुरूप नहीं है।
कर्मचारी संगठनों के अनुसार, पहले यह तय किया गया था कि PLI बैंक के सामूहिक प्रदर्शन से जुड़ा होगा और स्केल-7 तक के कर्मचारियों एवं अधिकारियों के लिए एक समान आधार पर लागू किया जाएगा।
365 दिन तक की बेसिक सैलरी के बराबर PLI का प्रावधान
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत स्केल-4 और उससे ऊपर के अधिकारियों को उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर अधिकतम 365 दिनों की बेसिक सैलरी के बराबर PLI मिल सकता है।
दूसरी ओर, कर्मचारियों और स्केल-3 तक के अधिकारियों के लिए अधिकतम PLI 15 दिनों की बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते (DA) के बराबर निर्धारित किया गया है।
अब बैंक कर्मचारियों के लिए PLI योजना को लेकर आगे की स्थिति द्विपक्षीय समझौता और संयुक्त नोट की वार्ता में होने वाली चर्चा पर निर्भर करेगी। सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत के जरिए इस व्यवस्था में संभावित बदलावों पर फैसला लिया जा सकता है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि बैंक कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों का समाधान संवाद, विचार-विमर्श और आपसी समझ के माध्यम से निकालने की कोशिश की जाएगी। वहीं, कर्मचारी संगठनों की नजर अब आगामी वार्ताओं और PLI व्यवस्था को लेकर होने वाले अगले फैसले पर रहेगी।
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