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गुजरात में सूखे की मांग: सूखी मूंगफली और चारा लेकर विधानसभा पहुंचे AAP नेता, सरकार से राहत की मांग

गुजरात विधानसभा में AAP नेता सूखी मूंगफली और चारा लेकर पहुंचे। इसुदान गढ़वी ने सूखा घोषित कर किसानों को राहत देने की मांग की।

गुजरात विधानसभा सत्र के पहले दिन आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और विधायक सूखी मूंगफली समेत अन्य सूखी फसलें और चारा लेकर विधानसभा पहुंचे। दुष्काल घोषणा सत्याग्रह के तहत AAP नेताओं ने सरकार के सामने किसानों, पशुपालकों और खेत मजदूरों की समस्याएं उठाईं और प्रभावित क्षेत्रों को तत्काल सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की।

दुष्काल घोषणा सत्याग्रह का नेतृत्व कर रहे AAP नेता इसुदान गढ़वी के साथ विधायक गोपाल इटालिया, चैतर वसावा, हेमंत खवा और सुधीर वाघाणी विधानसभा पहुंचे। AAP प्रदेश संगठन मंत्री और प्रदेश मुख्य प्रवक्ता डॉ. करन बारोट भी इस दौरान मौजूद रहे।

सूखी फसलें लेकर विधानसभा पहुंचे AAP नेता

AAP नेताओं ने विधानसभा परिसर में सूखी मूंगफली और चारा दिखाकर किसानों की स्थिति सरकार के सामने रखने की कोशिश की। इसुदान गढ़वी ने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान किसानों की वास्तविक स्थिति सरकार तक पहुंचाने के उद्देश्य से वे इन सूखी फसलों के साथ पहुंचे हैं।

गढ़वी के मुताबिक देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, सौराष्ट्र, कच्छ और उत्तर गुजरात के कई इलाकों में किसान सूखे जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि स्थिति के कारण किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।

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सरकार से तुरंत सूखा घोषित करने की मांग

दुष्काल घोषणा सत्याग्रह के तहत AAP की प्रमुख मांग प्रभावित क्षेत्रों को तत्काल सूखाग्रस्त घोषित करना और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना है।

इसुदान गढ़वी ने आरोप लगाया कि किसानों की परेशानियों पर सरकार का पर्याप्त ध्यान नहीं है। उन्होंने कहा कि किसानों की स्थिति को सामने लाने के लिए सूखी मूंगफली और चारा विधानसभा तक लाया गया है।

उन्होंने सरकार से अपील की कि किसानों के आंदोलन या किसी गंभीर कदम की स्थिति बनने से पहले राहत पैकेज की घोषणा की जाए।

खड़ी फसल सूखने का दावा

गढ़वी ने कहा कि कई जगह खड़ी फसल सूख चुकी है और पशुपालकों के सामने चारे की समस्या भी पैदा हो गई है। उनके अनुसार, चारे की कमी के चलते कुछ पशुपालकों को अपने क्षेत्र से बाहर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

उन्होंने चारे की उपलब्धता पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर किसी परिवार को 15 दिन में केवल एक चारे की गठरी मिलती है, तो उससे पशुओं की जरूरत कैसे पूरी होगी।

AAP का कहना है कि किसानों के साथ-साथ पशुपालकों और खेत मजदूरों को भी तत्काल सरकारी सहायता की जरूरत है।

विधानसभा में भी मुद्दा उठाने की तैयारी

दुष्काल घोषणा सत्याग्रह से जुड़े AAP विधायक विधानसभा के भीतर भी सूखे और किसानों की समस्याओं को उठाने की तैयारी में हैं। पार्टी के अनुसार गोपाल इटालिया, चैतर वसावा, हेमंत खवा और सुधीर वाघाणी इस मुद्दे को सदन में प्रमुखता से रखेंगे।

AAP नेताओं का कहना है कि किसानों की समस्याओं पर सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए और प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

किसानों, पशुपालकों और मजदूरों की मदद की मांग

दुष्काल घोषणा सत्याग्रह के जरिए AAP लगातार सूखे की घोषणा और राहत की मांग कर रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि संकट का असर केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि पशुपालकों और खेत मजदूरों पर भी पड़ रहा है।

इसुदान गढ़वी ने कहा कि किसानों और पशुपालकों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने सरकार से सिंचाई के लिए पानी, चारे की पर्याप्त व्यवस्था और प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल राहत देने की मांग की।

AAP नेताओं के मुताबिक, दुष्काल घोषणा सत्याग्रह तब तक किसानों की आवाज उठाता रहेगा, जब तक सूखे से प्रभावित क्षेत्रों के लिए सरकार की ओर से ठोस राहत की घोषणा नहीं की जाती।

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