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सत्य निकेतन हादसा: NSUI ने DU कुलपति पर उठाए सवाल, मांगा तत्काल इस्तीफा

सत्य निकेतन हादसे के बाद NSUI ने DU कुलपति पर सवाल उठाए और इस्तीफे की मांग की। संगठन ने जांच व छात्र सुरक्षा ऑडिट की मांग की।

दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में सत्य निकेतन हादसा अब छात्र संगठन NSUI और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। घटना के कुछ दिनों बाद आर्ट्स फैकल्टी के पास आयोजित एक कार्यक्रम में कुलपति की मौजूदगी को लेकर NSUI ने सवाल उठाए हैं। संगठन के सदस्यों ने प्रदर्शन करते हुए प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों के प्रति विश्वविद्यालय प्रशासन की जवाबदेही तय करने की मांग की।

NSUI ने छात्र आवास, हॉस्टल की उपलब्धता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी DU प्रशासन से जवाब मांगा है। संगठन का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा से जुड़े सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

कुलपति के कार्यक्रम में शामिल होने पर NSUI का विरोध

NSUI के मुताबिक, सत्य निकेतन हादसा होने के कुछ ही दिनों बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में कुलपति की भागीदारी को लेकर छात्रों में नाराजगी है। इसी को लेकर संगठन के सदस्यों ने आर्ट्स फैकल्टी के पास प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि त्रासदी से प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों के साथ विश्वविद्यालय प्रशासन को सीधे संवाद करना चाहिए। संगठन ने यह भी सवाल उठाया कि हादसे के बाद प्रशासन ने प्रभावित परिवारों से किस स्तर पर संपर्क किया।

NSUI अध्यक्ष ने पूछा- प्रभावित परिवारों से कितनी बार मिले?

NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने विश्वविद्यालय प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि घटना के बाद प्रभावित छात्र और उनके परिवार कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे हैं। ऐसे समय में विश्वविद्यालय की सामान्य गतिविधियों में शामिल होने को लेकर उन्होंने कुलपति से जवाब मांगा।

जाखड़ ने सवाल किया कि कुलपति ने प्रभावित छात्रों के कितने परिवारों से व्यक्तिगत मुलाकात की और कितने छात्रों से मिलकर उनकी स्थिति जानी।

उन्होंने छात्र आवास से जुड़े मुद्दों पर भी DU प्रशासन से स्पष्ट स्थिति बताने की मांग की।

हॉस्टल की कमी पर भी उठे सवाल

सत्य निकेतन हादसा ने दिल्ली में छात्रों के लिए सुरक्षित और किफायती आवास की उपलब्धता पर भी बहस तेज कर दी है। NSUI का कहना है कि विश्वविद्यालय में पर्याप्त हॉस्टल नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में छात्रों को निजी आवासों का सहारा लेना पड़ता है।

संगठन के अनुसार, निजी आवासों में सुरक्षा और निगरानी से जुड़े सवाल महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में DU को छात्रों के लिए पर्याप्त, सुरक्षित और किफायती हॉस्टल सुविधाएं बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।

NSUI ने विश्वविद्यालय के हॉस्टलों के अलावा उन निजी आवासों के सुरक्षा मानकों की भी समीक्षा करने की मांग की है, जहां बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं।

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NSUI ने कुलपति के इस्तीफे की मांग की

NSUI राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी से विश्वविद्यालय प्रशासन पीछे नहीं हट सकता। संगठन का आरोप है कि यदि प्रशासन प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा होने, हॉस्टल से जुड़े संकट को दूर करने और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्षम नहीं है, तो कुलपति के पद पर बने रहने को लेकर सवाल उठते हैं।

इसी आधार पर NSUI ने दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की है।

जांच और सुरक्षा ऑडिट की मांग

सत्य निकेतन हादसा की परिस्थितियों की तत्काल जांच कराने और जिम्मेदारी तय करने की मांग भी NSUI ने उठाई है। संगठन चाहता है कि छात्रों के लिए सुरक्षित और पर्याप्त हॉस्टल उपलब्ध कराए जाएं।

इसके साथ ही विश्वविद्यालय के हॉस्टलों और छात्रों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे निजी आवासों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की गई है। NSUI ने प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों से तत्काल संवाद स्थापित करने तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए स्पष्ट व्यवस्था बनाने की भी मांग की है।

छात्रों की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखने की अपील

NSUI का कहना है कि छात्रों की जिंदगी और सुरक्षा को किसी भी दूसरी गतिविधि से ऊपर रखा जाना चाहिए। संगठन ने DU प्रशासन से अपील की है कि छात्रों के कल्याण, सम्मान और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।

सत्य निकेतन हादसा के बाद उठे ये सवाल अब केवल एक घटना तक सीमित नहीं हैं, बल्कि छात्र आवास, हॉस्टल की कमी और सुरक्षा मानकों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन की जवाबदेही से भी जुड़े हैं। NSUI ने मांग की है कि इन मुद्दों पर DU प्रशासन स्पष्ट जवाब दे और छात्रों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए।

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